Sunday, 26 November 2017

बंगला साहिब

करीब 10 साल बाद आज मैं फिर से बंगला साहिब जी गई।
जगह वैसी ही है, और सुकून भी..
कुछ यादें, फिर मैंने संजो ली..

No comments:

Post a Comment