Friday, 7 October 2016

मन मायल..

यार दे वेढ़े आई.. टप टप गलियाँ
लभदि फिरां मैंने तेन्नु.. मल मल अँखियाँ
मांही मैं तेन्नु समझांवां की?
तेरे णाल क्यूँ लाइंयां अँखियाँ..
तेरे नाल मैं लाइंयां अँखियाँ..

बेपरवाह मैं तेरे इश्क़च बंधियाँ,
बस तेरा मुखड़ा दिसे बाकी ते मैं अंधियाँ..
माही मैं तेन्नु समझावां...

(तुम्हारे इश्क़ की ओढ़ ली मैंने चादर की तरह, आब सा बरसे वजूद मेरा, बादल की तरह)

दिल में अंधेर है, शिकवों का ढेर है
तेरी दीवानी हुई.. तेरा कसूर है
छोटे से दिल नू समझावां की?

तेरे नाल..

(पत्ता पत्ता,बूता बूता,जाने सारा हाल..दिल-ऐ-जनाम..

मैं हूँ मन मौजी पीया, कैसे किया तेरा मन मायल)

छोटे से दिल नू...
तेरे नाल क्यूँ लाइंयां..

(Pakistani song, ost)

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