Tuesday, 4 December 2012

Love Hurts

बचपन में कहीं पढ़ा था, इंसान आराम के साधन जुटाने में आराम खो देता है 
आज जब खुद करीब से देखा तो ये भी लगा की सिर्फ एक "प्यार" पाने के लिए इंसान जीवन भर कुछ न कुछ करता रहता है।
प्यार सिर्फ वो नहीं जो युगल प्रेमी करें या जो वोवाहोपरांत ( after marriage  )हो, अपितु वो है जिसकी इच्छा तब तक रहती है 'जब तक है जान'

सच कहूं तो मैं भी नहीं समझ पायी की "प्यार" क्या होता है?
कहते हैं मुहोब्बत के बिना साहित्य अधूरा है, साहित्य में खोजा तो किसी ने परमात्मा से जोड़ दिया, किसी ने खुद से जोड़ दिया और किसी दूसरो से जोड़ दिया या किसी ने देश से जोड़ दिया।
और मिला जुला के मैंने एक 'definition ' बनाई " many loves , many  definition"
खैर मैं तो निरामूर्ख हूँ, मेरे कहने से क्या होता है लेकिन बाकी सब तो ग्यानी ही पैदा हुए हैं!
फिर क्यों?
एक लड़का "प्यार" में अपना भविष्य, पैसा, परिवार , नौकरी, दोस्ती, और न जाने क्या क्या दांव पर लगा के किसी के सपनो का राज कुमार बनने चल पड़ता है?
एक लड़की सिर्फ "प्यार" के चक्कर में न जाने कितने "यार" बना लेती है!
expectation ?? ये कुछ नहीं बस " जिस तरह से मैं चाहूं बस उसी तरह से काम कर दो" का एक 'one word  substitution' है।
understanding ?? तुम आज तक खुद को  समझे नहीं दुसरे को क्या समझोगे( ओह भूल गयी, ग्यानी अवतारित जन पैदावार है)
blue  jeans  के साथ किस कलर की शर्ट पेहेन नी है ये 'decide ' करने में पूरी अलमारी उखाड़ के फेंक देते हो , जो माँ बाद में समेटती है,
या "black  leggings के साथ fuchsia top " 10 जगह से confirm करने के बाद आखिरकार "green  top  और micro denim  skirt " ही पहनना  है!

किसको दोष दू? और क्यों दू? ये "प्रेमपिपसा " किसी "महाकाली की रक्तपिपासा " से कम थोड़ी न है!!!
घर में "प्यार" नहीं मिलता इसीलिए आप बहार ढूँढ़ते। माँ -बाप को समय नहीं आपके अन्दर चल रहे मंथन को शांत करने और उस ज्वाला मुखी के लावे का विषपान करने के लिए।
आप आज 45 के हो चुके हो, कोई बात नहीं, लेकिन आप भी ये बात जानते हैं, जब आपको "प्यार" हुआ तब क्या कारण था?

"love is  nothing else than the tickling of biological clock, else a menopaused beauty would have chased by thousands of erectile dysfunctional beasts ''
फिर ये definition निकली 

क्या मात्र "सेक्स" ही "प्यार" का आधार है? लोगो से पूछो तो डंके की चोट पर "नहीं" कहेंगे लेकिन दिल में झेंप जायेंगे, क्यूंकि वो जानते हैं उनका "सच" क्या है।
(भूल गए? ज्ञान की पैदाइश???)

समय के साथ बढ़ रहे अपने "यंग इंडिया " पर हमारी "ओल्ड इंडिया" थोडा सा ध्यान दे तो कहीं भटकना न पड़े।
लेकिन उस "ओल्ड इंडिया" पर "ओल्डर इंडिया" ने ध्यान दिया था क्या? या "ओल्डर" पर "ओल्डेस्ट " ने?" 

कुछ बच्चे हम देखते हैं सिर्फ "उज्जवल भविष्य के साथ आगे बढ़ कर  माँ-बाप का नाम रोशन करते हैं" (क्यूंकि पेरेंट्स उनको life का tubelight समझते हैं)
और कुछ माशाअल्लाह "चौ . कामदेव विश्वविद्याला से "PhD in Philanderic Studies ' कर Huge Hefner  बन कर आते हैं?

न मैं माँ-बाप को दोषी ठहरा रही हूँ, ना आज की ज्ञान -रमित बुद्धिजीवी प्रेमी-समिति को, 
बस बेचारे "प्यार" की इतनी मत मारो की वो कहने लगे "human hurts " जैसा हम कहते हैं, " LOVE HURTS "

"प्यार" वो बेचारा उस कुंठित आदमी(frustrated ) की बीवी की तरह हो जाता है जो पड़ोस की बिल्ली मरने का दोष भी अपनी बीवी पर लगता हो।

और क्या कहूँ, आप तो समझदार है ही (भूल गए? हाँ, बस वोही)

1 comment:

  1. this is very first time i have visited your blog and found a lot to learn..it would take some more quality time to go through rest of the blog..!!

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