Saturday, 22 December 2012

DON’T CASTRATE BUT EDUCATE..


DON’T CASTRATE BUT EDUCATE.. AT LEAST TO MASTURBATE!
AND IF YOU CAN’T
THEN STOP THIS BREACH BY BEING A LEECH!!!
BITCH PLEAAAAASSSSSEEEEE…..!!!!

सुनने में बुरा लग रहा है ना? "हाय हाय! लड़की हो कर कैसी बात करती है!" गन्दी बातें! छी !
गन्दी बाते क्यूँ? गंद की पैदाइश हो??
अब क्या करोगे? मेरा ही दमन करोगे? येही तो करते आये हैं हम, सदियों से!
बेटी-बहन-प्रेमिका-बीवी-माँ-दादी-इत्यादि इनकी बर्बादी!
नपुंसक क्यों बनाते हो? why castrate ? क्या होगा? जायेंगे
अरे मूर्खो हम इंसान है! बचपन से सिखाते हैं हमको सामना करना! तुम्हारे हो हल्ले को भी एक "चैलेंज" की तरह लेगे और बिना डरे "बलात्कार" करते रहेंगे!
मैं कहती हूँ DON’T CASTRATE BUT EDUCATE.. AT LEAST TO MASTURBATE!
क्यूँ नहीं sex education को बढ़ावा देते
आज भरी bus में "sex" चिल्ला दो तो सारी बस पलट के देखती है!
जो आज हल्ला मच रहे हैं वो सभी पढ़े लिखे सभ्य हैं लेकिन जिन्होंने कुकर्म किया वो तो जाहिल थे!
अगर सबको नहीं पढ़ा सकते? तो पैदा क्यों होने दे रहे हो?
जनता:"अरे ये कैसी बात करती है? क्या हम अपना खानदान आगे नहीं बढ़ाएंगे?''
सरकार : हम तो "education " हो पूरा बढ़ावा दे रहे हैं,लड़कियों को पढ़ा रहे हैं मुफ्त शिक्षा और खाना बाँट रहे हैं लेकिन "जनता" नहीं पढ़ती तो हम क्या करे?
जनता क्यों नहीं पढ़ती? इसका कारण क्यों नहीं ढूँढ़ते?
कानून और पॉलिसी निकलने से क्या होगा? वाकई में अस्तित्व में आई ही या कागज़ी है? ये पता करते हैं?
"blame - game " से फुर्सत मिले तब !
क्यों आम जनता को सड़क पर आना पड़ता है? अगर नहीं कर सकते कुछ भी तो क्यों जोंक की तरह चिपके पड़े हो?
ऐसी सरकार चुनी है तो जूते खाओ! और तुमको भी क्या दोष देना दूसरी सरकार कर क्या झंडे गाड़ देगी?
जो हो रहा है ठीक हो रहा है, चाहे पाप हो या पाप से लड़ाई! बहुत कुछ है कहने को लेकिन ही जेल जाना चाहती हूँ और ना ही आपलोगों की नज़र में "बुरी" बनना चाहती हु!
TO BE CONTINUED!

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