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Showing posts from October 28, 2007

कैसे न कैसे

                                                तेरी आई तो पता चला, जिन्दगी तेरी याद से गरीब हो जैसे, क्यूंकि जो काम नही कर पाती जिन्दगी, काम सिर्फ़ तेरे ख्यालों ने कर दिए ऐसे, तुझे याद करके जीने का इरादा था, पर तुम्हारे बिन हम जीते कैसे, बस आते रहे ये ख़याल यूँ ही हमेशा, जिन्दगी गुजर जायेगी, कैसे न कैसे....