That's So.. Himmilicious..!

Sapiosexually High, Writer, Researcher, Cult, Erotic and Romantic aesthetics, Gender and Sexual politics, Fictionist, Lover, Daughter

Friday, 18 December 2015

कुत्ती तलब

यह चाह बड़ी कुत्ती है, वही चाहिए जिससे मुहोब्बत है
फिर क्या मालूम कितनी हुस्न परियाँ बदन से हो के निकल जाए, कितने राजकुमार पलके पॉँव के नीचे बिछा दे, रूह को तो कमबख्त एक ही ने छुआ था, और एक ही के सीने में छुप के सुकून मिला था, उसके बाद तो लोग महज़ दिल बहलाने और ज़रूरतें मिटाने का सामान बन गए।

उसमे कुछ पसंद नही था लेकिन जो था वह थोडा थोडा जहाँ से जैसा, जितना मिल जाए समेटने की कोशिश कर उसके खालीपन को पूरा करने की फ़क़त कोशिश होती है, फिर भी तलब पूरी नहीं होती..

दरबदर, ढ़ूढ़ते हुए आदत पड़ जाती है तलब के साथ जीने की और फिर, देर सवेर वो रूह-छुआ मिल भी जाए, क्या फ़ायदा, अब तो उस बिन जीना आ गया..

कुत्ती सी चाह है यह, तलब

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Tuesday, 15 December 2015

देखो न..

देखो न, कुछ टूट सा गया है..
मेरा ख्याल भी, तुम्हारा दिन भर तंग करने का तरीका भी और वो गुलदस्ता जो चांदनी चौक में कुल्फी खाते वक़्त एक नज़र में भा गया था, और तुमने कनखियों से देख लिया था मुझे निहारते हुए, फिर बिना बोले कुछ, खरीद लिया, और मैंने भी कुछ ना बोला, रख लिया..

देखो ना, कुछ टूट गया है..
ठण्ड में अपने जैकेट में मेरे हाथ घुस लेने का तुम्हारा अंदाज़, ठंडी नाक देख कर झट सीने में घुसा लेने की आदत, फूक मार मार कर चाय पिलाने वाली बात और जनपथ की गलियों में पीठ पर लगाते हुए स्वेटर नापने की आदत..

देखो ना, यह चूड़ी भी चटक गई है,
अक्षरधाम के पुल पर गाडी रोक कर जो तुमने छल्ली और अमरुद खिलाए थे, छोटी सी लड़की जो चूड़ियां लेके आई थी, मोल भाव करके, तुमने मुझे पहनाई थी और फिर खुद ही दोनों हाथ पकड़ कर छनक देते थे, प्यार करते वक़्त, दोनों कलाइयों को भींच देते थे, कभी दोनों हथेलियों को पकड़ कर गालों पर चूम लेते थे..

देखो ना, कुछ टूट गया है,
तुम्हारा और मेरा साथ..

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Sunday, 29 November 2015

..because you left me in the pain. (Part 1)

"You love to do mistakes, don't you?" Said he, looking deep into her eyes while she stood quiet with pink eyes and opened lips.
"What did I do, now?"
He opened the buttons of her shirt and she stood still "mistake, yet another mistake".
He stripped her body naked and she hid her bossom with her long brown hair " so, would you punish me now?"
"Yes, I will."
Swallowing her saliva, she asked again, "...but I want to know, what is my mistake?"
He could feel the heaviness in her respiration, he could feel the struggle of her lips to breathe, he could feel the hesitation she had to show her body, he could feel the pain in her soul and he could feel the anger inside her.
"Why are you so angry?"
"Because I hate you."
"...but why? Why do you hate me?"
"Don't you know?" A tear rolled down her cheek, tear of anger and pain, of complaints, asking millions of questions seeking only one answer.
"Yes, I know." Kabeer tried to wipe her tear  but she threw his hand away. "Don't touch me" said she, sobbing, blocked nose. "Just.. don't"
It was a natural reaction of a woman, when she's hurt, she hurts. "Stop crying"
"Why do you care, you never cared, never loved, all you needed me to obey you, the way you want, and when I don't do the things you want, you hurt me. Why? Just because I loved you?"
"You hurt me too, you said a lot of things that made scars on me, you made me cry too, I didn't say anything to you, I tried to make things up, I did, but you never got over what happened between us" and kabeer held her head and kept on her chest, she stood sobbing, complaining, and close to kabeer.
The destination of mayuri ends at kabeer's chest, she could never think beyond him, never tried, never could, never wanted to. All she ever wanted was his touch, his presence, his smile and her name in his voice.
She felt peace, serene, and she grabbed kabeer as if she is not going to leave him ever, and the peace on kabeer's eyes was visible when he kept quiet, controlling his tears and the longing of years, the crave of every night and morning to touch her and make her sleep on his chest, her fights, her demands, and her face, to hold her face in his palms.
Her tiny round face, and big eyes, when she cries, her nose gets blocked and it troubles her the most, she forgets the issue of fights and all her melodramatic moment and deals with her blocked nose, which is kind of relief to kabeer, for a while but yes, her blocked nose is another big trouble, which she hates the most.
She's never going to grow up, and he never understood why did she love him so much. She never asked anything from him, was always happy in whatever he provided with but the only issue she had was - she could not get enough of him.
Mayuri calmed down and kept kabeer held tight, she was naked and kabeer was wearing all his clothes, he loved to see her naked, he had no idea why did he loved watching her naked body.
He could wait for hours without touching her in the same room but he juat wanted her to be naked, as if he wanted to capture her each mole in his eyes. He was obsessed to see her expressions on her face, her crave, her glittering wetness, and her uncomfortable face when he strips her in light, mayuri never liked making love in light, she hated it and she was never free in light and this awkwardness is loved by kabeer.
Mayuri tried to hide her body, her curves, with pillow, sometimes bedsheet, sometimes her long hair, but kabeer snatched all her clothes away and made her sit on the bed.
He went away from her and sat on the chair in front of her. She did not look into his eyes
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Saturday, 21 November 2015

नवम्बर में छुट्टी की दोपहर

उनके बालों में चांदी की तारें थी, लंबी सी नाक पर एक हल्का सा तिल, निचला होंठ मानो, खुद ही बहार झांकता हो, और बड़ी बड़ी भूरी आँखे।
चहरे पर कुछ दाग से थे, उनको एक टक लगा कर देखूं तो अटपटा से जाते थे, चहरे का रंग कुछ ज्यादा ही सांवला था और उनके सीने से मुझे कुछ ज्यादा ही प्यार था..
अंदर घुस के जैसे ही सोती, ठण्ड मानो गायब सी हो जाती, और मैं ऐसे उनकी बाहों में फिट हो जाती जैसे उन्ही के लिए बनी हूँ।
बिस्तर पर लेटे नहीं की भारी साँसे और खर्राटे शुरू, मुझे बाहों में यूँ कस लेते हैं की जरा सी तेज़ सांस लूँ तो नींद टूट जाए, सोच कर,मैं हिलती भी न थी..
मतलब सोचो, इंसान सोएगा कैसे गर इतनी ज़ोर खर्राटे कोई ले तो? फिर ज़रा सी करवट ली और भींच लिया और माथा, आँखे, नाक, होंठ, गाल चूम के फिर सो गए!
कभी कभी लगता है जैसे मैं कोई टेडी बेयर हूँ, और वो कोई पापा की लाड़ली प्रिंसेस, छोड़ते ही नहीं..

एक काँधे पर गाल लगाए और सीने पर हाथ रखे 20 मिनट हो गए थे बाबा राम देव के "आक्वार्ड आसान" की दम घोंटू मुद्रा में लेटे हुए, कान गर्म हो चुका था और उनका कन्धा भीग चुका था, बड़ी मुश्किल से मैंने अपनी टांग निकाली, तो वो हिल गए और नींद टूट गई।

क्या हुआ?
कुछ नही गर्मी लग रही है।
अच्छा, पानी दूँ, पंखा चलाऊँ, कुछ ठंडा पिओगी, अब ठीक है?
जी मैं ठीक हूँ
दो सेकंड रुक कर, पसीने में चिपकी मेरी लटों को कान के पीछे खोंस्ते हुए कबीर बोले, "गजब खूबसूरत हो यार, कौन सी चक्की का आटा खाती हो?"
मैंने मुंह पिचका के हाथ पर मारा, धत्त!
और उन्होंने हाथ पकड़ कर फिर खींच लिया..

छुट्टी की दोपहर कुछ ऐसी ही होती है..

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Saturday, 14 November 2015

what I do : PhD

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Friday, 23 October 2015

Parinay

और मेरा आमलेट?
वो भी मैं खा गया..
हॉ!! गंदे.. क्यों किया?
तुम मुझे खा लो न..
यह सुन कर मैं मुस्कुरा दी.. "मतलब.. कुछ भी?"
हा हा हा.. नहीं सच कह रहा हूँ, मुझे खा कर देखो, अंडे का टेस्ट आएगा..
दूर हटो! और मैं किचन में चल दी, मुझे मालूम था शनिवार की छुट्टी और सारा दिन ना कबीर को कुछ करना है ना मुझे कुछ करने देना है, सारा दिन यूँ ही बाते बना कर निकाल देंगे और खुद को सुपरमैन समझ कर लास्ट मिनट एन्ट्री करेंगे..
सुनो..
हाँ गुलबदन कहो?
यह गुलबदन क्या होता है अब, क्या क्या बुलाते रहते हो.. कल रात तो मैं गुलाबो थी?
कल रात तुमने लाल लिपस्टिक लगाई थी अभी तुमने कुछ नहीं लगाया, और रात की लाली हलकी सी है तो गुलाब का बचा हुआ "गुल" और तुम्हारा बदन.. यह कह कर कबीर ने फिर मुझपर लपकने की कोशिश की..
मैंने माथा पीट लिया, लेक्सिकल इंटरप्रिटेशन की थीसिस मेरी है और अर्थ का अनर्थ तुम करते हो!!
सीने पर हाथ रख कर पीछे धकेलते हुए मैं बोली "क्या चाहिए?"
"बेटी"
"धत्त!!" कह कर मैं हंस दी..
"अरे सच। तुम्हारे जैसी, मोटे गालो वाली, थोडी पर तिल वाली, मोटे मोटे होंठ.. बत्तख की तरह चलने वाली.. छोटे छोटे हाथ.. देदो ना.." कह कर कबीर ने गले में गुदगुदी कर दी..
हाहाहाहा.. दूर हटो और छोडो मुझे!! दीवाली आ रही है.. भाभी का फ़ोन आया था, घर बुला रही हैं इस बार..
और कबीर ने मुझे छोड़ दिया..
"हैं? छोड़ क्यों दिया?"
"अरे तुमने ही तो कहा 'हटो दूर, छोड़ो मुझे' नेरी आवाज़ बनाते हुए कबीर ने चिढ़ाया..
"च्च!! तो मेरा मतलब वो थोड़ी ना था, लिट्रेलि छोड़ने का.. पकड़ो फिर ठण्ड लग रही है"
" तुम औरतों का भी ना कुछ समझ नहीं आता, कर दो तो दिक्कत, ना करो तो दिक्कत.." कहते हुए कबीर ने बाहों में फिर से भर लिया..
देखो जी, औरतों को ब्रह्मा भी नहीं समझ पाए, तुम तो फिर भी एक मामूली से बैंकर हो..
और इस बैंकर की बैंकरानी तुम!
अब यह बैंकरानी क्या होता है?
पति-पत्नी : बैंकर - बैंकरानी!
बैंकरनी होना चाहिए ना ? मैंने हँसते हुए कहा..
वाह मेरी पीएचडी!! कबीर हंस पड़ा अच्छा तुम कुछ कह रही थी.. ठण्ड लग रही है..?
हाँ!
मैं तुम्हारा अपना पर्सनल हीटर मेरी छिप.. अनारकली!!
क्या??
कुछ नहीं!! वो ठंडी?? और कबीर दांत दिखा के हंसने लगा
हाँ, ठंडी! ऊपर से सूटकेस उतरने हैं, तुम्हारी गर्म टीशर्ट के लिए, मौसम बदल रहा है फिर सर्दी होगी.. जाओ ना.. उतार दो..
तुम हो ना हीटर!! तुम्हे पहन लूँगा!!
मार खाओगे अब.. काम करो कुछ, ऑमलेट भी खा गए, मुंह बनाते हुए मैंने कहा..
तुम हाथ उठाओगी मुझपर? मैं पति परमेश्वर हूँ तुम्हारा, सेवा करो मेरी और एक कप चाय और बनाओ.. समझी औरत??
जाते हो की मैं ही उतारूँ?
जा रहा हूँ बीवी.. और गुनगुनाते हुए कबीर कमरे में चला गया.. "ज़माना तो है नौकर बीवी का.. "
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Saturday, 17 October 2015

Ever loved someone like this?

Ever loved someone so deeply that he/she meant the world to you. Your morning started and night ended with him. All you wanted to do is to take care of the person and dedicated yourself completely for his/her happiness and to fulfill each small and big demands..
..also for those things that you couldn't afford yet worked so hard and smart to be resourceful and fulfill that desire..

Ever loved someone so madly that you could destroy the world apart on a single drop of tears in his/her eyes?
You loved to sit, sleep, cuddle, laugh, demand, with him? You wanted to grow old loving him/her and submit your life in loving him/her.
The only peace you got was into his/her arms.. his/her existence in your life made you worth living..

Ever loved someone so truly that you could protect and made him/her the happiest person in the world, give everything he/she ever wanted??

Well, let the person be 'you' yourself and get whatever the hell you want in life.. ;)

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Tuesday, 13 October 2015

Marriage is not beautiful

Marriage is ugly, you see the absolute worst in someone. You see them when they’re mad, sad, being stubborn, when they’re so unlovable they make you scream. But you also get to see them when they are laughing so hard that tears run down their face, and they can’t help but let out those weird gurgling noises. You see them at 3am when the world is asleep except you two, and you’re eating in the middle of the kitchen floor. You get to see the side of them that no one else does, and it’s not always pretty. Its snorting while laughing, its the tears when it feels like its all crashing down, its the farting, its the bedhead and bad breath, its the random dances, its the anger and the joy. Marriage isn’t a beautiful thing, but it is amazing. It’s knowing that someone loves you so much, and won’t leave you even though you said something nasty. It’s having someone have your back no matter what. Its fights over stupid things, like someone not doing the dishes or picking up after themselves. And it’s those nights you fall asleep in each others arms, feeling like there will never be enough time with them. It’s cleaning up their throw up, or just rubbing their back when they’re sick. It’s the dirtiest, hardest, most rewarding job there is. Because at the end of the day you get to crawl into bed with your best friend, the weirdest, most annoying, loving, goofy, perfect person that you know. Marriage is not beautiful, but it’s one heaven of a ride. 

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Sunday, 4 October 2015

You're an asshole

To those idiots who think dogs are "toys"

Please never tie your dog outside your place and abandon it for whole day.
Usually, people love and cuddle the puppies and leave them in couple of months as they begin to grow and become responsibility.

Puppies are not "living toys" they look cute because they're cheerful and playful.
But people should understand that unlike human babies, the dogs never grow to be a self dependent living being. They will always be a baby, if you don't train them, they will poop inside, chew off your sandals, tear off your clothes, sofas, beds, everything and anything.
Dogs are sensitive animals like horses. They are more prone to depression and they are well aware of human emotions. If you abandon them like this they will become dangerous and bite others.

Just giving them left overs and keeping them outside your homes "for protection" isn't the right thing, you're not only torturing the animal but also displaying the world that "how big jerk you're". Treat your dogs like the member of your family, not like a stuffed toy for your own babies or a gatekeeper of your threshold.

The simplest thing we can do, don't pet a dog just because you see a cute cuddly puppy playing with your feet, when you cannot take care of it like your own child.

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Monday, 24 August 2015

Bollywood celebrities look alike in Hollywood

Divya Dutta Looks Like Orla Brady
Afreen khan somewhat looks like koi mil gaya's hritik and bradely cooper is firangi hritik.. :P
stephen amell and   Danielle Campbell, they have the same face fun and expression. at first look I thought they are twins
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